बिजली बिलों में स्थायी शुल्क 5% बढ़ाने का प्रस्ताव, राजस्थान बिजली उपभोक्ताओं के लिए नई मुसीबत

Last Updated on February 1, 2021 by goldratetodayinindia029

 

बिजली बिलों में स्थायी शुल्क 5% बढ़ाने का प्रस्ताव,

जोधपुर डिस्काम ने विद्युत नियामक आयोग को भेजा प्रस्ताव

जोधपुर डिस्काम ने बिजली दरों में वृद्धि के लिए विद्युत नियामक आयोग को प्रस्ताव भेजे हैं।

भेजे गए प्रस्ताव में बिजली बिलो में स्थायी शुल्क पांच प्रतिशत बढ़ाया जाना प्रस्तावित है।

इस पर राजस्थान विद्युत नियामक आयोग ने एक मार्च तक आपत्तियां मांगी हैं।

अगर किसी भी उपभाक्ता को नई दरें लागू करने से पहले कोई भी आपत्ति या सुझाव होतो राजस्थान विद्युत विनियामक आयोग भवन सहकार मार्ग जयपुर के पते में 6 प्रतियो में भेज सकते हैं।

वहीं जोधपुर डिस्काम की ओर से भी 8 फरवरी को न्यू पावर हाउस के पास डिस्काम कार्यालय के कांन्फ्रेंस हाल में इस याचिका को लेकर वेबिनार का आयोजन किया जाएगा।

जोधपुर डिस्काम ने राजस्थान विद्युत नियामक आयोग को बिजली की दर बढ़ाने का प्रस्ताव दिया है।

इस प्रस्ताव में घरेलू उपभोक्ताओं पर कोई भी अतिरिक्त भार नहीं बढ़ाया गया है। न ही स्थायी शुल्क में बढ़ातरी करने का प्रस्ताव दिया है।

10 किलो वाट या 12 हजार यूनिट (वार्षिक) वाले घरेलू उपभोक्ताओं पर जरूर स्थायी शुल्क 80 रुपए प्रति किलो वाट पर प्रस्तावित है।

घरेलू उपभोक्ताओंको छाड़कर अन्य उपभोक्ताओंको स्थायी शुल्क में5 प्रतिशत की बढ़ातरी होना प्रस्तावित है।

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साथ ही प्रति यूनिट दर घटना भी प्रस्तावित है। सिलिकासिस पीड़ित परिवार को भी बिजली बिल बीपीएल श्रेणी में ही जारी करने का प्रस्ताव दिया है।

स्थायी शुल्क जो पहले गत वित्तीय वर्ष की औसत बिजली खपत के आधार पर आकलन होकर उपभोक्ता से लिया जाता था।

अब प्रस्तावित याचिका में स्थायी शुल्क उसी माह के यूनिट के आधार से लिया जाएगा। अंतिम निर्णय नियामक आयोग की ओर से लिया जाएगा।

 

 

अघरेलू उपभोक्ताओं के लिए डिस्कॉम ने यह दिए प्रस्ताव

  • अघरेलू उपभोक्ताओं में अभी 0 से 100 यूनिट तक हर माह खर्च करने वाले 55 रुपए प्रति यूनिट देते हैं। जबकि स्थायी शुल्क 300 रुपए है।
  • वहीं प्रस्तावित दरो में इसे 5 पैसा प्रति यूनिट कम कर 7.50 करने का प्रस्ताव है, लेकिन स्थायी शुल्क में 15 की बढोतरी कर 315 रुपए प्रस्तावित हैं।
  • 101 से 200 यूनिट तक 50 रुपए प्रति यूनिट दे रहे हैं। प्रस्तावित दरो में 8.35 रुपए किया गया है। स्थायी शुल्क 300 है अब 315 रुपए प्रस्तावित है।
  • 200 से 500 यूनिट तक 85 रुपए प्रति यूनिट दे रहे हैं। प्रस्तावित दरो में 8.70 रुपए कर दिया है। स्थायी शुल्क 380 रुपए है। अब 400 रुपए प्रस्तावित है।
  • 500 यूनिट से अधिक पर 95 रुपए प्रति यूनिट दे रहे हैं। प्रस्तावित दरो में 8.75 रुपए कर दिया है। स्थायी शुल्क 460 रुपए है अब 485 रुपए प्रस्तावित हैं।

व्यवासियों के लिए बिजली दरें घटाईं स्थायी शुल्क में बढोतरी का प्रस्ताव
छोटे व्यवसायी: 500 यूनिट हर माह खर्च करने वाले छोटे व्यावसायी उपभोक्ता अभी 6 रुपए प्रति यूनिट दे रहे हैं।

जब कि प्रस्तावित दरो में इसे घटा कर 5.90 रुपए कर दिए है। जबकि अभी स्थाई शुल्क 80 रुपए प्रति एचपी दे रहे हैं। नई प्रस्तावित दरो में स्थायी शुल्क 85 रुपए है।

वृहद् उदयोग वाले उपभोक्ता: वृहद उद्योग उपभोक्ता अभी प्रति यूनिट 7.30 रुपए दे रहे हैं।

इसे घटाकर 7.15 रुपए करने का प्रस्ताव दिया है। जबकि स्थायी शुल्क 270 की जगह 285 पर केवीए का प्रस्ताव है।

 

 

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